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ब्लड प्रेशर8 सितंबर 20264 मिनट पढ़ें

ब्लड प्रेशर: नॉर्मल रेंज, लक्षण और नियंत्रण के तरीके

हाई ब्लड प्रेशर को "साइलेंट" इसलिए कहा जाता है कि इसमें अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखता। जानिए नॉर्मल रेंज क्या है, रीडिंग का मतलब कैसे समझें और जीवनशैली में क्या बदलाव मदद करते हैं।

ASलेखकAarogyaSutra Editorial Team

हाई ब्लड प्रेशर की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह चुपचाप चलता रहता है। ज्यादातर लोगों को तब पता चलता है जब वे किसी और वजह से डॉक्टर के पास जाते हैं। इसीलिए एक बार जांच करा लेना, लक्षणों का इंतजार करने से कहीं बेहतर है।

दोनों नंबरों का मतलब क्या है?

रीडिंग में दो नंबर होते हैं, जैसे 120/80।

  • ऊपर वाला (सिस्टोलिक) — जब दिल धड़कता है, तब का दबाव
  • नीचे वाला (डायस्टोलिक) — दो धड़कनों के बीच, जब दिल आराम में हो

नॉर्मल रेंज

श्रेणीरीडिंग (mmHg)
सामान्य120/80 से कम
थोड़ा बढ़ा हुआ120–129 / 80 से कम
स्टेज 1130–139 / 80–89
स्टेज 2140/90 या उससे ऊपर
तुरंत ध्यान देने योग्य180/120 या उससे ऊपर

एक बार की ऊंची रीडिंग से कुछ तय नहीं होता। दौड़कर आने, चाय पीने, तनाव में होने या डॉक्टर के सामने बैठने भर से भी रीडिंग बढ़ जाती है। निदान अलग-अलग दिनों की कई रीडिंग देखकर ही किया जाता है।

घर पर सही तरीके से कैसे नापें?

  1. नापने से 30 मिनट पहले चाय, कॉफी, धूम्रपान और व्यायाम से बचें।
  2. कुर्सी पर पीठ टिकाकर 5 मिनट शांत बैठें।
  3. पैर जमीन पर सीधे रखें, टांग पर टांग न चढ़ाएं।
  4. बांह को मेज पर, दिल की ऊंचाई पर रखें।
  5. कफ को सीधे त्वचा पर लगाएं, मोटी आस्तीन के ऊपर नहीं।
  6. नापते समय बात न करें।
  7. एक-दो मिनट के अंतर पर दो रीडिंग लें और औसत देखें।

गलत तरीके से नापने पर रीडिंग काफी ज्यादा या कम आ सकती है — और उसी पर दवा तय हो जाए तो नुकसान होता है।

लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर मामलों में कोई लक्षण नहीं होता। जब बीपी बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तब कुछ लोगों में दिख सकता है:

  • सिर के पिछले हिस्से में दर्द
  • चक्कर आना
  • धुंधला दिखना
  • सांस फूलना
  • नाक से खून आना

ध्यान रहे — सिरदर्द न होने का मतलब यह नहीं कि बीपी ठीक है। यही इस स्थिति की सबसे बड़ी गलतफहमी है।

किन लोगों में खतरा ज्यादा है?

  • परिवार में किसी को हाई बीपी होना
  • बढ़ा हुआ वजन, खासकर पेट के आसपास
  • नमक ज्यादा खाना
  • बहुत कम शारीरिक गतिविधि
  • लंबे समय का तनाव और कम नींद
  • धूम्रपान और शराब
  • डायबिटीज या किडनी की समस्या
  • बढ़ती उम्र
कमर-कूल्हा अनुपात देखें

जीवनशैली में क्या बदलें?

  • नमक कम करें — अचार, पापड़, नमकीन, पैकेज्ड खाने में छिपा नमक सबसे ज्यादा होता है
  • हफ्ते में ज्यादातर दिन 30 मिनट तेज चलें
  • वजन थोड़ा भी घटे तो रीडिंग पर असर दिखता है
  • फल, सब्जियां और दालें बढ़ाएं
  • 7-8 घंटे की नींद लें
  • शराब सीमित करें, धूम्रपान छोड़ें

खाने के ऊपर से नमक डालना बंद करना अकेले ही कई लोगों में फर्क दिखा देता है।

दवा के बारे में

दवा की जरूरत है या नहीं, यह आपकी रीडिंग और दूसरी स्थितियों को देखकर डॉक्टर तय करते हैं। सबसे आम गलती यह होती है कि रीडिंग सामान्य आते ही लोग दवा बंद कर देते हैं — जबकि रीडिंग सामान्य दवा की वजह से ही होती है। दवा में बदलाव हमेशा डॉक्टर की सलाह से करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हाई बीपी हमेशा के लिए हो जाता है?+

कई लोगों में यह लंबे समय तक रहने वाली स्थिति होती है, जिसे जीवनशैली और जरूरत पड़ने पर दवा से नियंत्रित रखा जाता है। शुरुआती अवस्था में कुछ लोगों में सिर्फ जीवनशैली से भी सुधार आ जाता है।

क्या तनाव से बीपी बढ़ता है?+

तनाव के समय रीडिंग अस्थायी रूप से बढ़ती है। लंबे समय का तनाव नींद, खानपान और गतिविधि को बिगाड़कर अप्रत्यक्ष असर भी डालता है।

घर की मशीन कितनी भरोसेमंद है?+

अच्छी बांह वाली डिजिटल मशीन भरोसेमंद होती है, बशर्ते सही तरीके से नापा जाए। कलाई वाली मशीनों में गलती की गुंजाइश ज्यादा रहती है।

क्या नमक पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?+

नहीं, शरीर को थोड़ा नमक चाहिए। घटाना है, बंद नहीं करना — और सबसे ज्यादा फर्क पैकेज्ड और तले-भुने खाने में छिपे नमक को कम करने से आता है।