संतुलित आहार क्या है? स्वस्थ जीवन के लिए सही डाइट
संतुलित आहार का मतलब महंगा या विदेशी खाना नहीं है। इसका मतलब है कि आपकी थाली में हर वह चीज सही अनुपात में हो जो शरीर को चाहिए — और वह भारतीय रसोई में पहले से मौजूद है।
संतुलित आहार को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इसके लिए कुछ खास खरीदना पड़ता है। असल में जिन चीजों की जरूरत है, वे ज्यादातर भारतीय रसोई में पहले से हैं — बात सिर्फ अनुपात की है।
शरीर को क्या-क्या चाहिए
- कार्बोहाइड्रेट — रोटी, चावल, बाजरा, ज्वार से मिलने वाली ऊर्जा
- प्रोटीन — दाल, राजमा, दही, पनीर, अंडा, मांस-मछली
- फैट — घी, तेल, मेवे और बीज (सीमित मात्रा में, पर जरूरी)
- विटामिन और मिनरल — सब्जियां और फल
- फाइबर — साबुत अनाज, दालें, सब्जियां
- पानी
थाली का सही अनुपात
गिनती किए बिना संतुलन बनाने का सबसे आसान तरीका थाली को आंख से बांटना है:
- आधी थाली — सब्जियां और सलाद
- एक चौथाई — प्रोटीन वाली चीज
- एक चौथाई — अनाज
- साथ में दही या छाछ, और थोड़ा सा घी या तेल
भारतीय थाली में सबसे बड़ी कमी
ज्यादातर भारतीय थालियों में अनाज बहुत ज्यादा और प्रोटीन बहुत कम होता है — दो-तीन रोटी या भरपूर चावल के साथ थोड़ी सी दाल। संतुलन बनाने का सबसे तेज तरीका यही है कि दाल की मात्रा बढ़ा दी जाए और अनाज थोड़ा घटा दिया जाए।
अपनी प्रोटीन जरूरत देखें→रंग-बिरंगी थाली का मतलब
अलग-अलग रंग की सब्जियों में अलग-अलग पोषक तत्व होते हैं। हफ्ते भर में हरी पत्तेदार, लाल-नारंगी (गाजर, टमाटर, कद्दू), सफेद (लौकी, मूली) और बैंगनी-गहरी (बैंगन, चुकंदर) — सब कुछ थाली में आ जाए, तो अलग से किसी गिनती की जरूरत नहीं रहती।
रोज के लिए एक आसान ढांचा
- हर खाने में एक प्रोटीन वाली चीज
- दिन में कम से कम एक बार हरी पत्तेदार सब्जी
- दिन में एक या दो फल, साबुत रूप में
- रोज दही या छाछ
- मुट्ठी भर मेवे
- हफ्ते में कम से कम दो-तीन बार अनाज बदलें — सिर्फ गेहूं नहीं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या संतुलित आहार महंगा होता है?+
नहीं। दाल, दही, मौसमी सब्जियां और साबुत अनाज — जो चीजें सबसे ज्यादा काम की हैं, वे सबसे सस्ती भी हैं।
क्या रोज एक ही तरह का खाना चलेगा?+
चल तो जाएगा, पर अलग-अलग अनाज, दालें और रंग-बिरंगी सब्जियां लेने से पोषक तत्वों की रेंज बढ़ जाती है।
शाकाहारी खानपान में प्रोटीन कैसे पूरा करें?+
हर खाने में दाल, राजमा, छोले, दही, पनीर या भीगे चने में से कुछ न कुछ रखें। सिर्फ सब्जी और रोटी से प्रोटीन पूरा नहीं होता।
क्या घी और तेल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?+
नहीं। शरीर को कुछ फैट चाहिए। मात्रा सीमित रखें, पर पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं।