हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं और नमक कितना लें
हाई बीपी में सबसे बड़ा असर नमक घटाने और पोटैशियम वाली चीजें बढ़ाने से आता है। और नमक ज्यादातर नमकदानी से नहीं, पैकेट वाले खाने से आता है।
हाई ब्लड प्रेशर में खानपान का असर असली है — पर वह उस जगह से नहीं आता जहां ज्यादातर लोग देखते हैं। मेज पर रखी नमकदानी कुल नमक का छोटा हिस्सा है।
नमक कितना और कहां से
वयस्कों के लिए दिन में 5 ग्राम से कम नमक — लगभग एक छोटा चम्मच, जिसमें पकाने में डाला गया नमक भी शामिल है। असली मात्रा यहां से आती है:
- अचार, पापड़, चटनी
- नमकीन, चिप्स, भुजिया
- बिस्किट और ब्रेड
- पैकेज्ड सूप, मसाला मिक्स, इंस्टेंट नूडल्स
- बाहर का खाना और रेस्तरां की ग्रेवी
क्या खाएं
- फल और सब्जियां भरपूर — केला, संतरा, पपीता, पालक, लौकी, टमाटर
- दालें और राजमा-छोले
- साबुत अनाज — बाजरा, ज्वार, दलिया
- दही और छाछ (नमक डाले बिना)
- मेवे और बीज, बिना नमक वाले
- लहसुन, नींबू, धनिया, काली मिर्च — नमक कम करके स्वाद बनाए रखने के लिए
पोटैशियम की भूमिका
पोटैशियम शरीर में सोडियम के असर को संतुलित करने में भूमिका निभाता है, इसलिए फल-सब्जियां बढ़ाना दोहरा फायदा देता है। पर एक जरूरी अपवाद है — किडनी की बीमारी में पोटैशियम सीमित रखना पड़ता है, और वहां यह सलाह लागू नहीं होती।
किन चीजों से बचें
- ऊपर से नमक डालना
- रोज का तला-भुना
- प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाना
- ज्यादा शराब
- बहुत ज्यादा चाय-कॉफी, अगर उससे धड़कन बढ़ती हो
जीभ की आदत बदलती है
नमक अचानक बहुत कम कर देने से खाना बेस्वाद लगता है और लोग दो हफ्ते में छोड़ देते हैं। धीरे-धीरे घटाएं — दो-तीन हफ्ते में जीभ को आदत पड़ जाती है और तब कम नमक वाला खाना सामान्य लगने लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नमक पूरी तरह बंद करना पड़ेगा?+
नहीं। शरीर को थोड़ा नमक चाहिए। घटाना है, बंद नहीं करना।
क्या सेंधा नमक बेहतर है?+
सोडियम उसमें भी होता है। उसे "सुरक्षित" मानकर मात्रा बढ़ा लेने से कोई फायदा नहीं।
क्या खानपान से दवा बंद हो सकती है?+
कुछ लोगों में जीवनशैली से रीडिंग काफी सुधरती है, पर दवा बंद करने का फैसला हमेशा डॉक्टर का होता है।
क्या केला खा सकते हैं?+
आमतौर पर हां, पोटैशियम इसमें अच्छा होता है। पर किडनी की बीमारी में डॉक्टर से पूछकर ही।